Shivaratri Puja Timing 2019 – Shiv Chaturdashi Vrat Vidhi

Maha Shivaratri Date

Shivaratri vrat is a very powerful and auspicious vrat that is dedicated to the Supreme Lord Shiva. Each month, Chaturdashi Tithi during Krishna Paksha is known as Masik Shivaratri. Two shivaratri are most famous among all, Phalguna Chaturdashi is famous with the name of Maha Shivaratri and second one is Sawan Shivaratri.

Maha Shivaratri Date in 2019: 4th March (Monday)

Shivaratri list & Puja Timing 2019 

Shivratri Date: 4th January (Friday)
Puja Timing: 11:59 pm on 4th January to 12:54 am on 5th January 2019

Shivratri Date: 2nd February (Saturday)
Puja Timing: 12:08 am to 01:01 am on 3rd February, 2019

Shivratri Date: 4th March (Monday) Maha Shivaratri
Puja Timing: 12:08 am to 12:58 am on 5th March, 2019

Shivratri Date: 3rd April (Wednesday)
Puja Timing: 12:01 am to 12:48 am on 4th April, 2019


Shivratri Date: 3rd May (Friday)
Puja Timing: 11:56 pm 3rd May to 12:40 am 4th May, 2019

Shivratri Date: 1st June (Saturday)
Puja Timing: 11:59 pm on 1st June to 12:40 am on 2nd June, 2019

Shivratri Date: 1st July (Monday)
Puja Timing: 12:05 am to 12:46 am on 2nd July, 2019

Shivratri Date: 30th July (Tuesday)
Puja Timing: 12:07 am to 12:49 am on 31st July, 2019

Shivratri Date: 28th August (Wednesday)
Puja Timing: 12:00 am to 12:45 am on 29th August, 2019

Shivratri Date: 27th September (Friday)
Puja Timing: 11:48 pm on 27th September to 12:37 am on 28th September, 2019

Shivratri Date: 26th October (Saturday)
Puja Timing: 11:40 pm on 26th October to 12:31 am on 27th October, 2019

Shivratri Date: 25th November (Monday)
Puja Timing: 11:41 pm on 25th November to 12:36 am on 26th November, 2019

Shivratri Date: 24th December (Tuesday)
Puja Timing: 11:53 pm on 24th December to 12:49 am on 25th December, 2019

Shiv Chaturdashi Vrat Vidhi

हिन्दू धर्म के अनुसार प्रत्येक माह की चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव को समर्पित शिव चतुर्दशी का व्रत किया जाता है। भविष्यपुराण के अनुसार प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को “शिव चतुर्दशी” कहते हैं। इस दिन पूरे विधि-विधान से शिव जी की पूजा की जाती है। इस व्रत को करने से व्यक्ति काम, क्रोध, लोभ, मोह आदि के बंधन से मुक्त हो जाता है।

भविष्यपुराण के अनुसार शिव चतुर्दशी व्रत में भगवान शिव के साथ माता पार्वती, गणेश जी, कार्तिकेय जी और शिवगणों की पूजा की जाती है। शिव चतुर्दशी का व्रत करने वाले जातक को त्रयोदशी के दिन मात्र एक समय भोजन करना चाहिए।
इसके उपरांत चतुर्दशी के दिन व्रत का संकल्प लेकर शिव जी की धूप, दीप पुष्प आदि से पूजा करनी चाहिए। शिवजी की पूजा में भांग, धतूरा और बेलपत्र का विशेष महत्व होता है।

चतुर्दशी के दिन रात्रि के समय शिव मंत्रों का जाप करना चाहिए। शिवजी के कुछ विशेष मंत्र निम्न हैं:
“ऊँ नम: शिवाय” व ” शिवाय नम:”

रात को सोते समय इस मंत्र का जाप करना चाहिए:

शंकराय नमसेतुभ्यं नमस्ते करवीरक।
त्र्यम्बकाय नमस्तुभ्यं महेश्र्वरमत: परम्।।
नमस्तेअस्तु महादेवस्थाणवे च ततछ परमू।
नमः पशुपते नाथ नमस्ते शम्भवे नमः।।
नमस्ते परमानन्द नणः सोमार्धधारिणे।
नमो भीमाय चोग्राय त्वामहं शरणं गतः।।

मान्यता है कि शिव मंत्रों का जाप शिवालय यानि शिव मंदिर या घर के पूर्व भाग में बैठकर करने से अधिक फल प्राप्त होता है।
चतुर्दशी के उपरांत ब्राह्मणों को भोजन कराके स्वयं भोजन करना चाहिए।

शिव चतुर्दशी व्रत का फल (Benefits of Shiv chaturdashi vrat in Hindi)

शिव चतुर्दशी का व्रत जो भी व्यक्ति पूरे श्रद्धाभाव से करता है उसके माता- पिता के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। इसके अलावा उसके स्वयं के सारे कष्ट दूर हो जाते है तथा वह जीवन के सम्पूर्ण सुखों का भोग करता है। इस व्रत की महिमा से व्यक्ति दीर्घायु, ऐश्वर्य, आरोग्य, संतान एवं विद्या आदि प्राप्त कर अंत में शिवलोक जाता है।

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